'यश कोई आतंकवादी नहीं', मां पुष्‍पा का फटा कलेजा, अल्‍लू अरविंद को भी लपेटा- Toxic के ख‍िलाफ प्रोपेगेंडा

Updated on 31-08-2026
जबसे यश की 'टॉक्‍स‍िक' रिलीज हुई है, फिल्‍म को लेकर नेगेटिव रिव्‍यूज की बाढ़ आ गई है। KGF फेम यश की कमबैक फिल्‍म की खूब आलोचना हो रही है, जिसका असर बॉक्‍स ऑफिस की कमाई पर भी पड़ा है। इस बीच यश की मां पुष्पा अरुण कुमार ने आरोप लगाया है कि उनके 'बेटे के ख‍िलाफ प्रोपेगेंडा' फैलाया जा रहा है। यही नहीं, मां ने अल्‍लू अर्जुन के पिता और प्रोड्यूसर अल्लू अरविंद की उन पुरानी बातों का भी दो टूक जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि KGF से पहले यश को कोई नहीं जानता था।

कन्‍नड़ सिनेमा के पहले ग्‍लोबल सुपरस्‍टार यश की मां पुष्‍पा अरुण ने 'जोश' के साथ बात करते हुए कहा, 'यश कोई आतंकवादी नहीं हैं। KGF से पहले ही वह कर्नाटक में एक सफल स्टार थे और कई हिट फ‍िल्में दे चुके थे, जिनसे उनकी लोकप्रियता साबित हुई थी।' उन्होंने सवाल किया कि लोग बार-बार यह क्यों पूछते हैं कि KGF से पहले यश कौन थे? जबकि 2018 में KGF के आने से पहले ही कन्नड़ सिनेमा में उनके बेटे का एक दशक लंबा करियर रहा था।

यश की मां बोली- हम साधारण परिवार के लोग हैं

यश की मां ने अपने बेटे और परिवार के साधारण बैकग्राउंड का भी जिक्र किया है। साथ ही जोर दिया कि उनके बेटे ने बिना पैसे, बिना किसी पारिवारिक कनेक्शन या फ‍िल्मी बैकग्राउंड के इंडस्ट्री में कदम रखा था। यश के पिता अरुण कुमार राज्य परिवहन KSRTC में बस ड्राइवर थे। उनकी मां पुष्‍पा हाउसवाइफ हैं। यश ने टीवी से एक्‍ट‍िंग की शुरुआत की थी और फिर फिल्‍मों का रुख किया।

'कुछ लोग Toxic के ख‍िलाफ प्रोपेगैंडा फैला रहे'

कन्‍नड़ में 'गूगली', 'ड्रामा', 'मिस्टर एंड मिसेज रामाचारी', 'गजकेसरी' और 'संतु स्ट्रेट फॉरवर्ड' जैसी सुपरहिट फिल्‍में दे चुके बेटे के लिए पुष्‍पा ने कहा, 'कुछ लोग जानबूझकर मेरे बेटे के करियर को दबाने और 'Toxic' के ख‍िलाफ प्रोपेगैंडा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। यह एक सोची-समझी और दुखद कोशिश है। जब तक यश को दर्शकों का प्यार और समर्थन मिलता रहेगा, कोई भी उसकी तरक्की में बाधा नहीं डाल सकता।'

अल्‍लू अरविंद ने कहा था- KGF से पहले यश कौन थे?

यश की मां का यह पलटवार अल्लू अरविंद के पुराने बयान पर आया है। अल्‍लु अर्जुन ने पिता से कुछ साल पहले, अपने प्रोडक्शन हाउस 'गीता आर्ट्स' के बड़े बजट की फ‍िल्मों से छोटे प्रोजेक्ट्स की ओर मुड़ने पर जवाब दिया था। उन्‍होंने फिल्‍मों के प्रोडक्‍शन की बढ़ती लागत का हवाला दिया। जब बात स्टार्स की फीस पर आई, तो उनके बेटे अल्लू अर्जुन का उदाहरण आया। इस पर अल्‍लू अरविंद ने असहमति जताई और इसके बजाय यश की ओर इशारा किया। उन्‍होंने कहा, 'KGF से पहले यश कौन थे? KGF के ब्लॉकबस्टर बनने की वजह यश का स्टारडम नहीं, बल्कि फ‍िल्म का ग्रैंड स्केल, मेकिंग और विजुअल स्पेक्टेकल था। उनका कहना था कि अगर उस स्केल के प्रोडक्शन में कोई भी दूसरा एक्टर होता तो भी नतीजा वैसा ही होता।'

यश ने अल्‍लू अरविंद को दिया था ये जवाब

हाल ही यश ने भी 'टॉक्सिक' के प्रमोशन के दौरान अल्‍लू अरविंद की बातों का जवाब दिया था। टीवी शो 'आप की अदालत' में जब एक्टर से अल्‍लू अरविंद के बयान के बारे में पूछा गया तो उन्‍होंने कहा, 'मेरा यह भी मानना ​​है कि सिनेमा सिर्फ प्रोड्यूसर का नहीं होता। सिनेमा में बहुत से लोग काम करते हैं, लेकिन क्रेडिट सिर्फ एक्टर को मिलता है। चाहे कोई कैरेक्टर आर्टिस्ट हो या राइटर, सिनेमा में हर कोई कड़ी मेहनत करता है, लेकिन अगर एक्टर उसे संभाल नहीं पाता तो फिल्म नहीं चलेगी।'

यश बोले- मेरा मानना ​​है कि दर्शक कभी गलत नहीं होते

यश ने आगे कहा था, 'मुझे लगता है कि दर्शक सही हैं। कभी-कभी मैं सोचता हूं कि सारा प्यार एक्टर को ही क्यों मिलता है। मेरा सच में मानना ​​है कि दर्शक कभी गलत नहीं होते। वे सभी का सम्मान करते हैं और जानते हैं कि कौन ज्यादा सम्मान का हकदार है।'

'टॉक्‍स‍िक' का बॉक्‍स ऑफिस कलेक्‍शन, नेगेटिव रिव्‍यूज का पड़ा असर

गीतू मोहनदास के डायरेक्‍शन में बनी 'टॉक्‍सिक' का बजट ₹500 करोड़ है। पहले ही दिन देश में इसने ₹101.10 करोड़ का बिजनस किया था, लेकिन रविवार को 5वें दिन लगातार गिरते हुए यह ₹23.00 करोड़ पर पहुंच गई है। नतीजा, बंपर शुरुआत के बावजूद यह देश में ₹214.10 करोड़ का नेट कलेक्‍शन और वर्ल्‍डवाइड ₹285.20 करोड़ के ग्रॉस बिजनस तक भी पहुंच पाई है।

यश का परिवार: माता-पिता और बहन

यश का जन्म भारत के कर्नाटक राज्य के हासन ज‍िले के एक गांव, बूवनाहल्ली में 8 जनवरी 1986 को हुआ था। उनका नाम नवीन रखा गया था, जबकि उनकी मां के परिवार वालों ने यशवंत नाम रखा। यश के पिता अरुण कुमार, कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम और बाद में बैंगलोर मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन में ड्राइवर थे। उनकी मां पुष्पा एक गृहिणी हैं। पर‍िवार में एक छोटी बहन नंदिनी हैं, जिसकी शादी एक कंप्यूटर इंजीनियर से हुई है।

यश की पत्‍नी और बच्‍चे

साल 2007 में 'नंदा गोकुला' के सेट पर यश की मुलाकात एक्ट्रेस राधिका पंडित से हुई थी। दोनों पहले अच्छे दोस्त बने और बाद में एक-दूसरे को डेट करने लगे। दोनों की साथ में तीसरी फ‍िल्म 'मिस्टर एंड मिसेज रामाचारी' के बाद 12 अगस्त 2016 को इन्‍होंने गोवा में करीबी दोस्तों और परिवार की मौजूदगी में सगाई की। फिर 9 दिसंबर 2016 को बेंगलुरु में शादी हुई। उनके दो बच्चे हैं।

यश का संघर्ष और एक्‍ट‍िंग डेब्‍यू

यश बचपन से ही एक्टर बनना चाहते थे। मैसूर में अपने स्कूल में थिएटर और डांस प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते थे। जब यश छोटे थे, तब उनका परिवार एक किराने की दुकान भी चलाता था। यश ने 10वीं कक्षा पूरी करने के बाद स्कूल छोड़कर फुल-टाइम एक्टिंग करना चाहते थे, लेकिन माता-पिता के कहने पर उन्हें सीनियर स्कूल की पढ़ाई पूरी करनी पड़ी। माता-पिता शुरू में एक्टिंग के शौक के खिलाफ थे। पिता चाहते थे कि वे सरकारी अधिकारी बनें। फिर पिता ने 16 साल के यश को बेंगलुरु जाकर एक फिल्म में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम करने की इजाजत दे दी। लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अगर वे वापस लौटे तो उन्हें दोबारा जाने नहीं दिया जाएगा। यश ने एक इंटरव्‍यू में बताया था कि उस समय उनके पास ₹300 थे। वह 'बेनाका ड्रामा ट्रूप' नाम के एक थिएटर ग्रुप में शामिल हुए, जिसे नाटककार बी. वी. कारंत ने बनाया था। यश ने वहां बैकस्टेज वर्कर के तौर पर काम किया और उन्हें हर दिन ₹50 मिलते थे। 2004 में वह बैकअप एक्‍टर बने, जबकि 2005 में उन्‍हें 'नंदा गोकुलम' सीरियल में राध‍िका पंडित के अपोजिट पहला रोल मिला।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें