रणबीर कपूर इन दिनों लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं। हाल ही संजय लीला भंसाली की फिल्म 'लव एंड वॉर' से उनका फर्स्ट लुक पोस्टर सामने आया है। जबकि 'रामायणम् पार्ट 1' में भगवान राम के रूप में उनको देखने के लिए फैंस उत्साह से भरे हुए हैं। लेकिन इस बीच कुछ और भी हुआ है। रणबीर शनिवार को मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में 'अहो गुरुदेव' कार्यक्रम में पहुंचे थे। यह आयोजन आध्यात्मिक गुरु पूज्य गुरुदेवश्री राकेशजी के 60वें जन्मदिन के मौके पर हुआ। रणबीर ने बताया कि बेटी राहा के जन्म के बाद वह खुद आध्यात्मिकता के और करीब आए हैं। यही नहीं इस दौरान उन्होंने गुरुदेवरी राकेशजी को 'यूथ मैग्नेट' भी कहा। अब इसके बाद से ही आध्यात्मिक गुरु के बारे में लोगों की जिज्ञासा बढ़ गई है।रणबीर कपूर ने शनिवार को गुरुदेवश्री के जीवन पर आधारित किताब 'Beyond' को भी लॉन्च किया। रणबीर कपूर की मौजूदगी जहां चर्चा का विषया है, वहीं सब जानना चाह रहे हैं कि आखिर गुरुदेवश्री राकेशजी कौन हैं, उन्होंने 'श्रीमद राजचंद्र मिशन धरमपुर' की शुरुआत कैसे की और युवाओं के बीच उनकी इतनी लोकप्रियता क्यों है? आइए एक-एक कर सबकुछ जानते हैं।कौन हैं पूज्य गुरुदेवश्री राकेशजी?
पूज्य गुरुदेवश्री राकेशजी आध्यात्मिक गुरु, आध्यात्मिक विचारक और 'श्रीमद राजचंद्र मिशन धरमपुर' (SRMD) के संस्थापक हैं। उनका जन्म 26 सितंबर 1966 को मुंबई में हुआ था। SRMD के मुताबिक, वो बचपन से ही आध्यात्मिकता और ध्यान की ओर आकर्षित थे। आठ साल की उम्र में उन्होंने श्रीमद राजचंद्रजी की तस्वीर देखने के बाद लगातार तीन दिनों तक ध्यान की अवस्था में रहने का अनुभव किया था। आज उनकी संस्था आध्यात्मिक साधना, ध्यान और सेवा के जरिए लोगों तक पहुंचने का काम करती है।'अहो गुरुदेव' कार्यक्रम में पहुंचे रणबीर कपूर
गुरुदेवश्री राकेशजी के 60वें जन्मदिन के मौके पर 25 और 26 सितंबर 2026 को मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में 'अहो गुरुदेव' समारोह आयोजित किया गया। SRMD के शेड्यूल में इसे गुरुदेवश्री के 60वें जन्मदिन का समारोह बताया गया है। इसी कार्यक्रम में रणबीर कपूर भी पहुंचे और उन्होंने गुरुदेवश्री की तारीफ करते हुए उनके युवाओं पर प्रभाव की बात की। स्टेज पर आकर रणबीर ने हाथ जोड़कर गुरुदेवश्री राकेशजी का अभिवादन किया और कहा, 'गुरुदेव, आपको जन्मदिन की बधाई। आपके 60वें जन्मदिन के जश्न में शामिल होना मेरे लिए सम्मान की बात है। मुझे पता है कि आपको अक्सर युवाओं को अपनी ओर खींचने वाला यूथ मैग्नेट कहा जाता है। युवाओं को आध्यात्मिकता और इंसानियत की राह पर चलते देखना हमेशा प्रेरणादायक होता है।'गुरुदेवश्री ने 1994 में शुरू किया अपना मिशन
गुरुदेवश्री राकेशजी ने 1994 में 'श्रीमद् राजचंद्र आध्यात्मिक सत्संग साधना केंद्र' (SRASSK) नाम से ट्रस्ट की शुरुआत हुई थी। यह संस्था श्रीमद राजचंद्रजी की शिक्षाओं और भगवान महावीर के आध्यात्मिक मार्ग से प्रेरित है। मिशन का मुख्य उद्देश्य लोगों को अपने भीतर की यात्रा और आत्म-परिवर्तन की ओर ले जाना है। SRMD की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, आज यह संगठन छह महाद्वीपों में 136 केंद्रों के साथ काम करता है।
गुरुदेवश्री राकेशजी पढ़ाई में भी रहे आगे
गुरुदेवश्री राकेशजी का जुड़ाव सिर्फ आध्यात्मिकता तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने दर्शनशास्त्र में MA किया और गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके बाद मुंबई यूनिवर्सिटी से उन्होंने श्री आत्मसिद्धि शास्त्र पर शोध करते हुए PhD पूरी की। SRMD के मुताबिक, 1998 में उन्हें इस शोध के लिए डॉक्टरेट की डिग्री मिली।गुरुदेवश्री राकेशजी ने धरमपुर में बनाया आश्रम
2001 में 'श्रीमद राजचंद्र आश्रम, धरमपुर' का उद्घाटन हुआ। इसकी स्थापना के लिए जगह 1999 में चुनी गई थी, 4 अगस्त 2000 को भूमिपूजन हुआ और 6 अप्रैल 2001 को आश्रम का उद्घाटन हुआ। 2010 में संस्था का नाम बदलकर 'श्रीमद राजचंद्र मिशन धरमपुर' (SRMD) किया गया। यह आश्रम बाद में SRMD का इंटरनेशनल हेडक्वार्टर बना और यहां देश-विदेश से लोग आध्यात्मिक साधना और कार्यक्रमों के लिए पहुंचते हैं। मिशन की गतिविधियों में सत्संग, ध्यान, आध्यात्मिक रिट्रीट और सेवा से जुड़े कई कार्यक्रम शामिल हैं।युवाओं के बीच क्यों हैं लोकप्रिय?
रणबीर कपूर ने कार्यक्रम में गुरुदेवश्री को 'यूथ मैग्नेट' कहा था। इसकी एक वजह SRMD का युवाओं के साथ लगातार जुड़ाव भी है। रणबीर का गुरुदेवश्री को यूथ मैग्नेट कहना, SRMD का युवा दर्शकों पर ध्यान केंद्रित करने का संकेत है। यह मिशन 35 साल से कम उम्र के लोगों के साथ अपने '5s' अप्रोच- सत्संग, साधना, सेवा, संस्कृति और स्पोर्ट्स के जरिए काम करता है। SRMD के अनुसार, दुनिया भर में इसके 77 यूथ सेंटर हैं और एक स्पोर्ट्स एसोसिएशन है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुकाबले में हिस्सा लेती है। मिशन में 130 'आत्मार्पित' भी हैं, यानी ऐसे ब्रह्मचारी भक्त जिन्होंने इसका ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरा कर लिया है और खुद को आध्यात्मिक साधना और सेवा के लिए समर्पित कर दिया है।आध्यात्मिकता के साथ सेवा पर भी जोर
गुरुदेवश्री राकेशजी के काम का एक बड़ा हिस्सा सेवा से भी जुड़ा है। SRMD के तहत 'श्रीमद राजचंद्र लव एंड केयर' जैसी पहलें चलाई जाती हैं, जिनका उद्देश्य जरूरतमंदों और समाज के अलग-अलग वर्गों तक मदद पहुंचाना है। मिशन शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, पशु कल्याण और अन्य सामाजिक क्षेत्रों में भी काम करता है।
'रामायणम्' में भगवान राम बनकर दिखेंगे रणबीर कपूर
गुरुदेवश्री के कार्यक्रम में आध्यात्मिकता से जुड़े नजर आए रणबीर कपूर इन दिनों अपनी फिल्म 'रामायणम्' को लेकर भी चर्चा में हैं। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में रणबीर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में इस कार्यक्रम में उनकी आध्यात्मिकता को लेकर कही गई बातें उनकी इस आने वाली फिल्म से भी जुड़ती नजर आती हैं, क्योंकि 'रामायणम्' में भगवान राम का किरदार निभाना रणबीर के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है।