नई दिल्ली: बैडमिंटन जगत के महानतम खिलाड़ियों में शुमार और दो बार के ओलंपिक चैंपियन विक्टर एक्सल्सन ने खेल को अलविदा कह दिया है। पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 खिलाड़ी ने बार-बार उभरने वाली पीठ की समस्या और गंभीर चोटों के कारण अपने शानदार करियर पर विराम लगाने का फैसला किया है। पिछले दो सालों से एक्सल्सन पीठ की चोट से बुरी तरह जूझ रहे थे जिसके कारण उनके बाएं पैर की नसों में असहनीय दर्द रहने लगा था। शारीरिक रूप से अब उनके लिए कोर्ट पर उतरना और उस उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा को बनाए रखना संभव नहीं रह गया था।पीठ की समस्या के चलते लिया रिटायरमेंट
एक्सल्सन के लिए यह विदाई बेहद भावुक रही क्योंकि वह अभी मानसिक रूप से रिटायरमेंट के लिए तैयार नहीं थे लेकिन उनका शरीर साथ छोड़ चुका था। उन्होंने अपने संन्यास के पीछे की बेबसी जाहिर करते हुए कहा, 'सबसे कठिन बात यह है कि मेरे भीतर अब भी खेलने की भरपूर प्रेरणा इच्छा और खुशी बची हुई है। हालांकि पीठ की समस्याओं के चलते मेरा शरीर मुझे वह सब करने की अनुमति नहीं दे रहा है जो उस स्तर पर बने रहने के लिए जरूरी है। इसीलिए मैं कह रहा हूं कि यह फैसला मैंने नहीं लिया है बल्कि दुर्भाग्य से मेरे शरीर ने मेरे लिए यह फैसला किया है। अपनी मर्जी से फैसला न ले पाना ही इस विदाई को सबसे ज्यादा दर्दनाक बनाता है।'लगातार जीते थे दो ओलंपिक गोल्ड
विक्टर एक्सल्सन का जाना बैडमिंटन के एक स्वर्ण युग के अंत जैसा है। वह दुनिया के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्होंने लगातार दो ओलंपिक (2020 और 2024) में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी बादशाहत साबित की। इसके अलावा, उन्होंने दो बार विश्व चैंपियनशिप (2017, 2022) का खिताब जीता और कैलेंडर वर्ष में सभी सुपर 1000 टूर्नामेंट जीतकर सुपर 1000 स्लैम पूरा करने वाले पहले खिलाड़ी बने। उनके नाम कई बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब दर्ज हैं।
सोशल मीडिया पर भी लिखा पोस्ट
विक्टर एक्सल्सन ने सोशल मीडिया पर भी एक लंबा-चौड़ा और भावुक पोस्ट लिखकर अपने प्रशंसकों के साथ इस खबर को साझा किया। उन्होंने अपनी इस पोस्ट में उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने उनके सफर में साथ दिया। उन्होंने कोर्ट पर बिताए गए हर पल को याद करते हुए लिखा कि बैडमिंटन उनके लिए सिर्फ एक खेल नहीं बल्कि जीने का तरीका था।