'भारतीयों से ज्यादा थे पाकिस्तानी', ध्रुव राठी के लंदन में प्रदर्शन पर BJP नेता का बड़ा दावा, नहीं दिए सबूत

Updated on 19-10-2026
लंदन: लंदन में यूट्यूबर ध्रुव राठी ने SIR के खिलाफ विरोध प्रदर्शन (London Protest) किया है। जिसको लेकर ओवरसीज बीजेपी (यूके और यूरोप) के नेता कुलदीप शेखावत ने आरोप लगाए थे कि इसमें पाकिस्तान और बांग्लादेश के ज्यादा नागरिक शामिल हुए थे। लेकिन उन्होंने अपने आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं दिए। उन्होंने भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े इस प्रदर्शन में विदेशी नागरिकों की भागीदारी पर सवाल उठाए हैं।

कई सोशल मीडिया पोस्ट में वीडियो के आधार पर दावे किए गये हैं कि पाकिस्तान के कुछ पत्रकार ध्रुव राठी के प्रदर्शन में दिखाई दिए हैं लेकिन नवभारत टाइम्स किसी वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वहीं न्यूज-18 को दिए एक इंटरव्यू में कुलदीप शेखावत ने विदेशी नागरिकों की भागीदारी और ब्रिटिश धरती पर इस तरह के विरोध प्रदर्शन के आयोजन के मकसद पर सवाल उठाए। उन्होंने यह भी पूछा कि लंदन में ध्रुव राठी की यात्रा का खर्च किसने उठाया लेकिन उन्होंने माना है कि उनके पास इस बात का कोई सबूत नहीं है कि प्रदर्शनकारियों को इसमें शामिल होने के लिए पैसे बांटे गए थे।

क्या ध्रुव राठी के प्रदर्शन में शामिल हुए थे विदेशी?

  • लंदन में आयोजित इस प्रदर्शनको लेकर आरोप है कि इसमें पाकिस्तान और बांग्लादेशी नागरिक जुटे थे और भीड़ जुटाने के लिए उन्हें बुलाया गया था। लेकिन अभी तक इससे जुड़े कोई भी सबूत पेश नहीं किए गये हैं।
  • बीजेपी नेता शेखावत ने बांग्लादेश के एक कथित प्रतिभागी का भी जिक्र किया जिसने उनके अनुसार यह दावा किया था कि वह पश्चिम बंगाल में तीन साल तक रहा था और 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया के दौरान हटाए जाने के बाद लंदन लौट गया था।
  • उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेशी प्रतिभागी भी SIR प्रक्रिया का विरोध कर रहे थे और दावा किया कि उनमें से कुछ पहले अवैध रूप से भारत में रह चुके थे।

भारतीय प्रवासियों का 'काउंटर' विरोध प्रदर्शन

टाइम्स ऑफ इंडिया की लंदन स्थित पत्रकार नाओमी कैंटन ने बताया है कि लंदन में जिस जगह ध्रुव राठी प्रदर्शनमें हिस्सा ले रहे थे वहीं भर प्रवासी भारतीयों ने काउंटर विरोध प्रदर्शन भी किया है। बीजेपी नेता शेखावत का कहना है कि भारतीय प्रवासियों ने जवाबी विरोध-प्रदर्शन किया। शेखावत ने दावा किया कि भारतीय प्रवासियों ने राठी के प्रदर्शन के खिलाफ अचानक एक जवाबी विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया। उन्होंने चिंता जताई कि इस घटना से भारत-यूके संबंधों को नुकसान पहुंच सकता है।

'विदेशी नागरिक सिर्फ दर्शक नहीं बल्कि भागीदार'

जब उनसे पूछा गया कि क्या विदेशी नागरिकों की भागीदारी से विदेशों में भारतीयों द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शनोंकी वैधता पर असर पड़ सकता है तो शेखावत ने लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर पहले हुए उन प्रदर्शनों का हवाला दिया जिनमें खालिस्तानी और पाकिस्तानी समूह शामिल थे।

उन्होंने दावा किया कि इससे पहले भी खालिस्तानी समूह, भारत-विरोधी प्रदर्शनों में पाकिस्तानी प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल रहे हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विरोध प्रदर्शन में कोई भी खालिस्तानी शामिल नहीं था। उन्होंने कहा 'खालिस्तानी हमेशा से पाकिस्तानी भीड़ के साथ घुल-मिलकर रहते आए हैं। लेकिन कल उस विरोध प्रदर्शन में एक भी खालिस्तानी शामिल नहीं था।'

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