A PHP Error was encountered

Severity: Notice

Message: Undefined variable: description

Filename: views/header.php

Line Number: 9

" />
"> देश
"> विदेश
"> मध्यप्रदेश

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित न होने पर नपाअध्यक्ष ने लाया निंदा प्रस्ताव

Updated on 28-04-2026

कवर्धा,  नगर पालिका परिषद कवर्धा में आज परिषद की बैठक आयोजित किया गया, बैठक में लाये गये समस्त प्रस्तावों पर नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने विस्तार से चर्चा कर पारित कराया। उन्होनें नारी शंक्ति वंदन अधिनियम में प्रस्तावित महत्तवपूर्ण संशोधनों के लोकसभा में पारित न होने के कारण आक्रोश व्यक्त करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित कराया।

नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की मातृशक्ति को सम्मान, अधिकार और नेतृत्व प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक पहल है। महिलाओं की राजनीतिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक भागीदारी को मजबूत करने वाले प्रस्तावित महत्वपूर्ण संशोधनों का लोकसभा में पारित नहीं होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निराशाजनक है। यह केवल महिलाओं की अपेक्षाओं को आहत करने वाला विषय नहीं है, बल्कि देश के समग्र विकास एवं समान सहभागिता की भावना के भी विपरीत है। आज नगर पालिका परिषद कवर्धा की परिषद बैठक में निंदा प्रस्ताव पारित कर हमने यह स्पष्ट संदेश देने का प्रयास किया है कि महिलाओं के अधिकारों, सम्मान और सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार की अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती। नगर पालिका परिषद सदैव महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा, नेतृत्व क्षमता एवं उनके अधिकारों के समर्थन में खड़ी रही है और आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।


नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में प्रस्तावित महत्तवपूर्ण संशोधनों के लोकसभा में पारित न हो पाने पर आक्रोश व्यक्त करती है इंडिया गठबंधन की इस महिला विरोधी मानसिकता की घोर निंदा करते है जिसके कारण देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने वाले इस अहम कदम को संसद में अवरूद्व किया गया। उन्होनें संकल्प लेते हुए कहा कि विपक्ष के इस महिला विरोधी कृत्य और उनके दोहरे चरित्र को समाज के हर वर्ग तक लेकर जाएंगे। हमारी टीम महिलाओं की सशक्त राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्व है और जब तक नारी शक्ति को नीति निर्माण में उनका उचित एवं संवैधानिक अधिकार नही मिल जाता, हम इस विषय पर अपनी निंदा और विरोध दर्ज कराते रहेगें।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें