'जब तक सरकार टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त नहीं करेगी, आंदोलन जारी रहेगा', भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षकों का हल्ला बोल

Updated on 07-10-2026
भोपाल। अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले शिक्षकों की तीन सूत्रीय मांगों को लेकर नीलम पार्क भोपाल में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को 10वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान भोपाल संभाग के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में शिक्षक धरना स्थल पर पहुंचे और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।

भूख हड़ताल पर बैठे कई जिलों के शिक्षक

आंदोलन के तहत क्रमिक भूख हड़ताल पर पृथ्वी सिंह श्योर, कमल बैरागी, माधवी (विदिशा), गिरीश गौतम, भूपाल धाकड़ व सतेंद्र गौर (रायसेन), सुरेश डांगी, महेश बैरागी एवं राजेश शर्मा (राजगढ़) सहित अन्य शिक्षक बैठे। भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षकों ने कहा कि सरकार जब तक उनकी तीनों मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

क्या हैं संयुक्त मोर्चा की प्रमुख मांगें?

संयुक्त मोर्चा की प्रमुख मांगों में टीईटी परीक्षा से मुक्ति और इसकी अनिवार्यता समाप्त करना, शिक्षकों पर टीईटी परीक्षा के लिए किसी भी प्रकार का दबाव नहीं बनाना तथा नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता प्रदान करना शामिल है। शिक्षकों ने कहा कि सरकार द्वारा टीईटी आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है, लेकिन उनकी मूल मांगों पर अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है।

मोर्चे का कहना है कि केवल आवेदन की तिथि बढ़ाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। सरकार को तीनों मांगों पर स्पष्ट और सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।धरना स्थल पर जगदीश यादव, राकेश दुबे, मनोहर दुबे एवं राकेश पटेल सहित संभाग और भोपाल जिले के शिक्षकों ने संबोधित किया।

उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने अधिकार, सम्मान और भविष्य की सुरक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से आंदोलन समाप्त कराने के लिए मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।


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