'ये तो साध्वी बन गई थी ना', ममता कुलकर्णी के मॉडर्न अवतार पर उठे सवाल, बोलीं- मुझे आध्यात्मिक जीवन बुला रहा था

Updated on 27-09-2026
ममता कुलकर्णी 1990 के दशक के अपने मशहूर गानों पर डांस करते हुए वीडियो वायरल होने के बाद फिर से चर्चा में आ गई हैं। हाल ही में जयपुर में हुए 14वें राजस्थान फिल्म फेस्टिवल में एक्ट्रेस को 'लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया। इवेंट में जब उनकी फिल्मों के गाने बजाए गए, तो उन्होंने स्टूडेंट्स के साथ डांस भी किया। ममता को 'घातक' फिल्म के गाने 'कोई जाए तो ले आए', 'करण अर्जुन' के 'एक मुंडा मेरी उम्र का' और 'सबसे बड़ा खिलाड़ी' के 'लंबा-लंबा घूंघट' जैसे गानों पर डांस करते देखा गया।

लोगों का ध्यान ममता के लुक ने खींचा। स्टेज पर डांस करते हुए वह ग्लैमरस आउटफिट में नजर आईं, जो 2025 में संन्यास लेने के बाद उनके भगवा कपड़ों वाले आध्यात्मिक रूप से बिल्कुल अलग था। इन वीडियोज को देखकर सोशल मीडिया यूजर्स उनके पुराने बॉलीवुड अवतार में लौटने पर तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

लोगों ने डांस पर उठाया सवाल

इंस्टाग्राम पर मिले-जुले कमेंट्स आए। कुछ यूजर्स ने ममता के बदले हुए लुक पर मजाक किया, जबकि दूसरों ने उनके लुक की तारीफ की और कहा कि वह अब भी ग्लैमरस लग रही हैं। एक यूजर ने लिखा- भाई ये तो संन्यासी हो गई थी, जबकि दूसरे ने कमेंट किया- ये तो साधु बन गई थी ना। एक यूजर ने मजाक में कहा- इसने तो सन्यास ले लिया था, जबकि दूसरे ने लिखा- क्या महामंडलेश्वर हैं। किसी और ने लिखा- मोक्ष से माया तक विपरीत अवधारणा।

फिल्मी करियर पर बोलीं ममता कुलकर्णी

राजस्थान फिल्म फेस्टिवल में 'लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड' से सम्मानित ममता कुलकर्णी ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अपने फिल्मी करियर, 'करण अर्जुन' की शूटिंग और फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने के फैसले के बारे में बात की।

नेल्लोर के लोगों ने बनवाया ममता का मंदिर

उन्होंने कहा, 'नेल्लोर के लोगों ने तो मेरे नाम पर एक मंदिर भी बनवा दिया था और यह खबर 'टाइम' मैगजीन में छपी थी। उसके बाद मैं बॉलीवुड में आया। मेरी पहली हिंदी फिल्म 'तिरंगा' थी। फिर मैंने 'आशिक आवारा', 'क्रांतिवीर', 'सबसे बड़ा खिलाड़ी', 'आंदोलन', 'करण अर्जुन', 'घातक' और 'नसीब' जैसी फिल्मों में काम किया। इसलिए, इतने सालों बाद लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिलना मेरे लिए बहुत भावुक पल है।'


जिंदगी में एक ऐसा समय आता है जब आपको लगता है कि आपको कुछ और खोजने की जरूरत है। मेरी जिंदगी में भी ऐसा ही हुआ। मुझे अपने अंदर से एक आवाज सुनाई दी जो मुझे आध्यात्मिक जीवन की ओर बुला रही थी। मेरे गुरु मेरी जिंदगी में आए और उसके बाद, आध्यात्मिकता की ओर मेरा झुकाव बढ़ता गया। उस समय, ब्रुनेई के सुल्तान, जो दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक थे, उन्होंने अपनी बेटी राजकुमारी हमीदा के जन्मदिन के लिए मेरे लिए एक प्राइवेट जेट भेजा। राजकुमारी मेरी फैन थीं।
ममता कुलकर्णी, एक्ट्रेस

उनसे मिलने राजकुमारी आई थीं

उन्होंने अंत में कहा, 'एक बार, मैं राजकुमारी हमीदा के जन्मदिन के लिए ब्रुनेई गई। मैंने उनसे कहा, मैं अक्टूबर में शाहरुख के साथ एक शो के लिए आ रही हूं। आपको भी आना चाहिए। उसके बाद, जब हम अक्टूबर में शो के लिए वेम्बली स्टेडियम पहुंचे, तो मैं बैकस्टेज थी। अचानक, अली मोरानी दौड़ते हुए मेरे पास आए और बोले, ममता, ममता... जिन राजकुमारी हमीदा को आपने बुलाया था, वे अपनी मां और पूरी सिक्योरिटी टीम के साथ आ गई हैं। उन्होंने सिक्योरिटी के लिए स्टेडियम का एक पूरा हिस्सा खाली करवा लिया था। यह मेरे लिए एक बहुत ही अलग अनुभव था।'

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