बेंगलुरु: भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली गई पांच मैचों की टी20 सीरीज 2-2 की बराबरी पर खत्म हुई। बेंगलुरु में खेला गया पांचवां व अंतिम मुकाबला बारिश के कारण रद्द हो गया, जिसके बाद दोनों टीमों ने ट्रॉफी साझा की। वेस्टइंडीज की टीम भले ही पिछले दो दशकों से भारत में अपनी पहली द्विपक्षीय सीरीज जीतने के करीब आकर चूक गई, लेकिन कप्तान शाई होप अपनी टीम के इस प्रदर्शन से बेहद संतुष्ट नजर आ रहे हैं। शाई होप का मानना है कि उनकी टीम की सफलता को केवल सीरीज की जीत या हार से नहीं मापा जा सकता।विंडीज कप्तान ने टीम की तारीफ की
सीरीज खत्म होने के बाद शाई होप ने कहा कि खिलाड़ियों के इस सामूहिक प्रदर्शन से साफ झलकता है कि टीम में कितना सुधार हुआ है। शाई होप ने कहा, 'हमने पिछले 20 से ज्यादा सालों से भारत में कोई सीरीज नहीं जीती है। इस सीरीज में यहां तक पहुंचना और भारत को कड़ी टक्कर देना यह दर्शाता है कि एक टीम के रूप में हमने कितना शानदार काम किया है। सफलता का मतलब हमेशा सीरीज जीतना ही नहीं होता, बल्कि खिलाड़ियों को इस तरह से प्रगति करते देखना भी काबिले तारीफ है।'कीमो पॉल और स्प्रिंगर समेत गेंदबाजों के प्रदर्शन से खुश नजर आए होप
शाई होप ने पूरी सीरीज के दौरान अपने गेंदबाजों के योगदान की भी जमकर सराहना की। इस सीरीज में कीमो पॉल ने 8 विकेट, शमार स्प्रिंगर ने 7 विकेट और रोस्टन चेज ने 6 विकेट चटकाए। चौथे मैच में विशाल स्कोर का बचाव करते हुए कीमो पॉल ने 5 विकेट हॉल भी अपने नाम किया था। होप ने गेंदबाजों पर बात करते हुए कहा, 'गेंदबाजी की बात करें तो शमार स्प्रिंगर ने डेथ ओवरों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और विकेट झटके। कीमो पॉल और रोस्टन चेज ने भी बेहतरीन गेंदबाजी की। हर खिलाड़ी योगदान दे रहा था, जो कि टीम के लिए बेहद खुशी की बात है।'शाई होप ने खोला अपनी बल्लेबाजी का राज
पूरी सीरीज में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के दम पर प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए शाई होप ने 4 पारियों में 190 से अधिक के स्ट्राइक रेट से कुल 261 रन बनाए, जिसमें दो शतक और एक अर्धशतक शामिल रहा। अपनी सफलता का राज बताते हुए उन्होंने कहा, 'आपको हमेशा खुद पर विश्वास रखना होता है। जब भी मैं मैदान पर कदम रखता हूं, मुझे भरोसा होता है कि मैं टीम के लिए काम पूरा कर सकता हूं। मेरी प्रक्रिया कभी नहीं बदलती, मैं शांत रहकर अपनी स्वाभाविक शैली में खेलने की कोशिश करता हूं।'