RSS, जैश ए मोहम्मद, तालिबान एक जैसे, कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने आतंकी संगठन से की संघ की तुलना

Updated on 19-08-2026
बेंगलुरु : कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के रजिस्ट्रेशन स्टेटस और देशभक्ति से जुड़े आरोपों को लेकर एक नया राजनीतिक टकराव शुरू हो गया है। 'वंदे मातरम' विवाद के बीच कांग्रेस नेताओं ने इस संगठन पर निशाना साधा है। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष cने RSS की तुलना अंतरराष्ट्रीय उग्रवादी संगठनों से करते हुए भारत में उनकी कानूनी स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद, तालिबान और RSS में कोई फर्क नहीं है क्योंकि ये तीनों ही भारत में रजिस्टर्ड नहीं हैं।

हरिप्रसाद ने वंदे मातरम विवाद पर केरल के वाइस-चांसलर मोहनन कुन्नुम्मल की बात का भी समर्थन किया और कहा कि उनकी आलोचना RSS के खिलाफ थी। उन्होंने कहा कि ...उन्होंने यह बात सही तौर पर RSS के बारे में कही है क्योंकि वे न तो वंदे मातरम गाते हैं, न ही राष्ट्रगान गाते हैं और न ही तिरंगा फहराते हैं...।

राहुल गांधी और सोनिया के खिलाफ पर भड़के

बीके हरिप्रसाद के ये बयान तब आए हैं जब वंदे मातरम गाए जाने के दौरान कथित तौर पर बाधा डालने के मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। कुन्नुम्मल के उस हालिया बयान ने भी इस विवाद को हवा दी है जो उन्होंने RSS की एक सभा में राष्ट्रगीत का विरोध करने वालों के बारे में दिया था।

प्रियांक खरगे ने आरएसएस पर उठाए थे सवाल

RSS की कानूनी स्थिति पर कांग्रेस का यह हमला कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे और BJP के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष के बीच हुई एक अलग बहस के बाद हुआ है। संतोष ने हिंदू जागरण वेदिके के 'अखंड भारत संकल्प दिवस' कार्यक्रम में कहा था कि RSS को कानूनी रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि यह संगठन 1925 से बिना ऐसे किसी स्टेटस के काम कर रहा है और कहा कि कागज़ी कार्रवाई के बजाय जनता का भरोसा ही किसी संगठन की पहचान तय करता है। उन्होंने बंटवारे और दूसरे संकटों के समय RSS की भूमिका का भी ज़िक्र किया।

संघ के फंड पर उठाए सवाल

खरगे ने X पर जवाब देते हुए सवाल उठाया कि बिना रजिस्ट्रेशन वाला संगठन अपनी संपत्ति और पैसे का मैनेजमेंट कैसे करता है। उन्होंने पूछा कि RSS किस कानून के तहत काम करता है, इसकी संपत्तियों का मालिक कौन है, किसके नाम पर इसके बैंक अकाउंट और गुरुदक्षिणा जैसे दान रखे जाते हैं, और इसके ऑडिट किए गए अकाउंट और टैक्स फाइलिंग कहां हैं। खरगे ने कहा कि इतिहास कानूनी पारदर्शिता की जगह नहीं ले सकता। तर्क दिया कि ज्यादा असर के साथ ज्यादा सार्वजनिक जवाबदेही भी होनी चाहिए।

'आजादी के लिए BJP, ABVP, RSS ने कुछ नहीं किया'

गृह मंत्री ने BJP, ABVP और RSS की उस मांग को भी खारिज कर दिया जिसमें कांग्रेस से अपनी राष्ट्रवादी पहचान साबित करने को कहा गया था। उन्होंने कहा कि और चाहे BJP युवा मोर्चा हो, ABVP हो या RSS, हमें उनसे राष्ट्रवादी या राष्ट्र-विरोधी होने का सर्टिफिकेट नहीं चाहिए। ये वही लोग हैं जिन्होंने आजादी की लड़ाई के लिए कुछ नहीं किया। उनके राजनीतिक गुरुओं ने तो 52 साल तक झंडा भी नहीं फहराया।

प्रियांक खरगे ने कहा कि कांग्रेस को इन संगठनों से अपनी देशभक्ति साबित करने की जरूरत नहीं है, साथ ही उन्होंने BJP पर राष्ट्रीय प्रतीकों को राजनीतिक हथियार बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि BJP को बस इन चीजों राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रगान को हथियार बनाने में दिलचस्पी है। वे हर चीज को हथियार बनाना चाहते हैं। तो, जो भी हो, वे जितने चाहें उतने केस दर्ज कर सकते हैं। हमें इन लोगों से देशभक्ति का कोई सर्टिफिकेट नहीं चाहिए।

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