ग्लास्गो में भारत के गलत नक्शे का किया था विरोध, लवलीना का साहस देख पीएम मोदी भी हुए भावुक, फिर कही दिल जीतने वाली बात

Updated on 10-08-2026
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने वाली मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन की सराहना की जिन्होंने ग्लास्गो के एक रेस्तरां में भारत के गलत मानचित्र पर आपत्ति जताई थी। पीएम मोदी ने राष्ट्रमंडल खेलों की पदक विजेताओं के साथ अपनी अनौपचारिक बातचीत के दौरान लवलीना की जमकर तारीफ की।

लवलीना से की पीएम मोदी ने बात

प्रधानमंत्री ने रविवार को हुई इस बातचीत में चुटकुले सुनाए और पदक विजेताओं से खेलों की तैयारी और ग्लास्गो में उनके अनुभवों के बारे में सुना। मोदी के कार्यालय ने सोमवार को इसका वीडियो जारी किया। उन्होंने 75 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतने वाली लवलीना से पूछा, ‘क्या हुआ वो रेस्टोरेंट वाले से झगड़ा कर रही थी?’

लवलीना ने दिया जवाब

असम की मुक्केबाज ने हंसते हुए जवाब दिया, ‘यह एक खुशी का अवसर था। हम जश्न मना रहे थे और मुझे देश का गलत मानचित्र देखना अच्छा नहीं लगा। मैंने विनम्रतापूर्वक उन्हें बताया और उन्होंने बदलाव भी कर दिया।’ मोदी ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि यह समझदारी भरा काम था खासकर ऐसे समय में जब वह अपनी जीत का जश्न मना रही थीं।

उन्होंने कहा, ‘खेलों के समापन और जश्न के माहौल में उस नक्शे के महत्व को पहचान पाना। मैं आपको सच बता सकता हूं, वह वीडियो साधारण नहीं था। लोग उसे लंबे समय तक याद रखेंगे।’

किस बात से हुआ था विवाद

ग्लासगो के एक रेस्तरां में उस समय बड़ा विवाद सामने आया जब कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 10 पदक जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय मुक्केबाजी टीम जश्न मनाने के लिए वहां पहुंची थी। इस दौरान असम की स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन की नजर रेस्तरां के मेन्यू कार्ड पर पड़ी। मेन्यू और रेस्तरां के बाहर लगे भारत के नक्शे में उत्तर-पूर्वी (नॉर-ईस्ट) राज्यों को काट कर अलग दिखाया गया था। भारत के इस विकृत नक्शे को देखकर मुक्केबाज काफी आहत हुईं और उन्होंने तुरंत इस गंभीर मुद्दे को रेस्तरां प्रबंधन के सामने उठाया।
मुक्केबाज ने बेहद शालीनता और स्पष्टता से रेस्तरां प्रबंधन को अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने कहा, 'कृपया इसे गलत तरीके से न लें, लेकिन इससे मुझे बहुत दुख हुआ है। भारत के नक्शे में हमारा उत्तर-पूर्व गायब है, यहां तक कि बाहर लगे नक्शे में भी इसे काट दिया गया है। पूर्वोत्तर का नागरिक होने के नाते यह बात हमें बहुत ठेस पहुंचाती है। मैं बस यही कहना चाहती थी कि आगे से इस बात का खास ख्याल रखें।'

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