सिंधु जल संध‍ि पर भारत से नहीं मिला डेटा तो हाई अलर्ट पर पाकिस्‍तानी पंजाब, टेंशन में मरियम, सताया डर

Updated on 17-07-2026
इस्लामाबाद: मानसून की बारिश शुरू होने के साथ ही पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मरियम नवाज के नेतृत्व वाली सरकार की चिंता बढ़ गई है। सरकार ने अपने सिंचाई विभाग से 'हाई-अलर्ट कैटेगरी' के तहत बाढ़ की तैयारी करने के लिए कहा है। इसकी वजह बीते साल से भारत का सिंधु जल संधि को निलंबित रखना है। भारत के फैसले से नदियों के बहाव को लेकर बनी अनिश्चितता से पंजाब में बाढ़ का डर है। ऐसे में सरकार ने अफसरों से तैयारी में जुटने को कहा है।

लाहौर के कमिश्नर नौमान यूसुफ की अध्यक्षता में हुई बैठक की जानकारी रखने वाले सूत्र के हवाले से की गई रिपोर्ट में डॉन ने बताया है कि सिंचाई विभाग सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से मिल रही जानकारी के आधार पर इंतजाम कर रहा है। यह सटीक आकलन के लिए अपर्याप्त है। ऐसे में सरकार बड़े पैमाने पर तैयारी करना चाहती है।

'भारत नहीं दे रहा है डाटा'

बाढ़ की स्थिति और इंतजामों से जुड़ी हालिया बैठक में सिंचाई विभाग के अधिकारी ने बताया कि भारत पिछले साल अप्रैल में सिंधु जल संधि को निलंबित करने के बाद से डेटा साझा करने से बच रहा है। इसे देखते हुए कमिश्नर ने सिंचाई विभाग के अफसर को अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।

अधिकारी ने कमिश्नर के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा, 'अगर भारत जानकारी (नदियों के बहाव, बाढ़ की स्थिति के बारे में) नहीं दे रहा है तो हमें बहुत सतर्क रहना होगा। बाढ़ की स्थिति सामान्य है तो हमें मध्यम बाढ़ के लिए इंतजाम करने हैं। अगर स्थिति मध्यम है तो हाई-फ्लड कैटेगरी के तहत जरूरी कदम उठाने चाहिए।

अभी नदियों का बहाव सामान्य

लाहौर कमिश्नर ने अपने जूनियर अफसरों से कहा कि वे किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बाढ़ से संबंधित इंतजामों को जल्द से जल्द अंतिम रूप दें। डॉन से बात करते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारी ने कहा कि नदियों के बहाव के बारे में पाकिस्तान के साथ जानकारी साझा करने में भारत की अनिच्छा तैयारियों में एक बड़ी बाधा है।
सिंधु जल संधि (IWT) भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी प्रणाली के पानी के बंटवारे को लेकर हुआ समझौता है। यह समझौता 1960 में हुआ था, जिसे भारत ने बीते साल अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद निलंबित कर दिया था। इसके बाद से भारत की ओर से पाकिस्तान को पानी के बहाव का डाटा नहीं दिया जा रहा है, जिससे पाकिस्तानी पक्ष में चिंताए हैं।

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