रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आरएमपीयू किसी भी एसी कोच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यही यूनिट पूरे कोच में ठंडी हवा पहुंचाने का काम करती है। लगातार संचालन के कारण समय के साथ इसके विभिन्न पुर्जों में घिसावट आने लगती है। ऐसे में नियमित ओवरहालिंग और मरम्मत से एसी सिस्टम की कार्यक्षमता बनी रहती है और सफर के दौरान अचानक खराब होने की संभावना काफी कम हो जाती है।
इस परियोजना के तहत केवल एसी यूनिट की ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े कंट्रोल पैनलों की भी गहन जांच की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर उनकी रिपेयरिंग और खराब पुर्जों को बदला जाएगा। इससे पूरे एसी सिस्टम का संचालन अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद होगा। तकनीकी खामियों को समय रहते दूर करने से बीच सफर में एसी बंद होने जैसी समस्याएं भी कम होंगी।
रेलवे के अनुसार, एलएचबी कोचों का उपयोग राजधानी, शताब्दी और अन्य लंबी दूरी की महत्वपूर्ण ट्रेनों में किया जाता है। इसलिए इन कोचों का बेहतर तकनीकी रखरखाव यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ ट्रेन संचालन के लिए भी जरूरी है। समय पर मरम्मत होने से कोचों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और बार-बार होने वाली आपातकालीन मरम्मत की जरूरत भी कम होगी।
इस पूरी योजना का सबसे बड़ा लाभ यात्रियों को मिलेगा। गर्मी के मौसम में एसी कोचों में बेहतर कूलिंग बनी रहेगी और सफर अधिक आरामदायक होगा। साथ ही तकनीकी खराबियों के कारण होने वाली असुविधा में कमी आएगी। रेलवे का मानना है कि नियमित रखरखाव से एसी सिस्टम की विश्वसनीयता बढ़ेगी, कोचों की उम्र लंबी होगी और यात्रियों को पहले से बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा