लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजना पांच साल चलेंगी:भोपाल में आज मोहन कैबिनेट की बैठक

Updated on 18-08-2026
भोपाल, मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना और मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना को अगले पांच साल तक जारी रखने का फैसला आज मोहन सरकार करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल में होने वाली कैबिनेट बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के इन प्रस्तावों पर निर्णय लिया जाएगा। बैठक के एजेंडे में 8 प्रमुख विभागों से जुड़े कुल 18 प्रस्ताव शामिल हैं। बैठक में मौजूदा योजनाओं को आगे जारी रखने, नई योजनाओं के क्रियान्वयन, सरकारी कर्मचारियों से जुड़े मामलों और न्यायालयीन आदेशों के पालन से संबंधित प्रस्तावों पर फैसला होगा।

महिला-बाल विकास की योजनाएं

महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें 60% केंद्रांश और 40% राज्यांश रहेगा। इसके साथ मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना-2023 के संचालन की निरंतरता और मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के मौजूदा कार्यक्रम को अगले पांच साल तक जारी रखने का प्रस्ताव भी एजेंडे में है।

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से कई मौजूदा योजनाओं को आगे जारी रखने के प्रस्ताव रखे गए हैं। इनमें उप स्वास्थ्य केंद्रों की निरंतरता, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और मजबूत करने, अस्पतालों व औषधालयों के भवन निर्माण से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। आशा कार्यकर्ताओं को मिलने वाले अतिरिक्त प्रोत्साहन को जारी रखने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में फैसला होगा।

नर्मदा के लिए बनेगा नमन मिशन

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ‘निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन’ यानी नमन मिशन के गठन का प्रस्ताव रखेगा। इसका उद्देश्य नर्मदा से जुड़े संरक्षण और विकास कार्यों को संस्थागत रूप से आगे बढ़ाना है।

किसानों की 3 योजनाएं 5 साल चलेंगी

किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग 500 करोड़ रुपए से कम वित्तीय आकार वाली तीन विभागीय योजनाओं को अगले पांच साल तक जारी रखने का प्रस्ताव रखेगा। इनकी प्रस्तावित अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक है।

कृषि विज्ञान केंद्र को 20 हेक्टेयर जमीन

सीहोर जिले की इछावर तहसील के ग्राम भाउखेड़ी में कृषि विज्ञान केंद्र के निर्माण के लिए आईसीएआर (नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट) को जमीन आवंटित करने का प्रस्ताव है। कुल 36.022 हेक्टेयर शासकीय भूमि में से 20 हेक्टेयर जमीन स्थायी पट्टे पर आवंटित की जाएगी।

सड़क विकास निगम में 35 पद

लोक निर्माण विभाग ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के सुचारू संचालन के लिए निगम की स्वीकृत संरचना में 35 नए पदों के सृजन का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ पहले से स्वीकृत 7 पदों को 19 सितंबर 2026 के बाद अगले पांच साल तक निरंतर बनाए रखने का प्रस्ताव भी है।

विज्ञान की 3 योजनाएं जारी रहेंगी

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने विभागीय योजनाओं ‘अनुसंधान, योजना तथा विकासीय गतिविधियां’, ‘निर्देशन एवं प्रशासन’ और ‘विज्ञान को लोकप्रिय करना, विज्ञान के प्रसार हेतु सहायता’ को जारी रखने का प्रस्ताव रखा है।

पुलिस के 2 चिकित्सा बिलों पर फैसला

गृह विभाग के एजेंडे में पुलिस विभाग से जुड़े दो मामलों में राज्य के बाहर निजी अस्पतालों में कराए गए इलाज के देयकों के भुगतान की स्वीकृति के प्रस्ताव शामिल हैं। इनमें भोपाल जिले के निरीक्षक कर्ण सिंह और छतरपुर जिले के सहायक उप निरीक्षक स्व. चन्द्रभान सिंह के मामले हैं।

वनपाल की पेंशन रोकने का प्रस्ताव

वन विभाग के एजेंडे में सेवानिवृत्त तत्कालीन वनपाल रघुवीर सिंह यादव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव है। इसमें नुकसान की राशि की वसूली और 10% पेंशन तीन साल के लिए रोकने का विषय रखा गया है।

सहकारी निरीक्षक पर विभागीय जांच

सहकारिता विभाग ने सेवानिवृत्त सहकारी निरीक्षक प्रवीण जैन के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने का प्रस्ताव रखा है।

न्यायालयीन मामलों पर भी फैसला

जनजातीय कार्य विभाग के एजेंडे में उच्च न्यायालय, इंदौर के WP 8659/2009 में उर्मिला चौहान से संबंधित मामला शामिल है। इसके साथ मध्यप्रदेश शासन WA 112/2023 और सुप्रीम कोर्ट के SLP(C) 8787/2025, CONC 2579/2022 और CONC 6028/2023 के पालन से जुड़े विषय भी रखे गए हैं।

एक अन्य प्रस्ताव में रिट पिटीशन क्रमांक 7523/2003 (ओ.ए. 1540/1992) में उच्च न्यायालय, जबलपुर के 16 जनवरी 2006 के निर्णय के पालन और प्रोग्रामर्स के नियमितीकरण से संबंधित विषय शामिल है।


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