बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता डीके शिवकुमार अपनी सक्रिय राजनीति के लिए जाने जाते हैं। वो देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री भी है। उनके जीवन में एक ऐसी चीज भी जो उन्हें आज भी उनके छात्र जीवन की यादों में ले जाती है। यह कोई राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उनकी 40 साल पुरानी यज्दी रोडकिंग बाइक है। रशीद किदवई की नई किताब 'डीके शिवकुमार– कांग्रेस क्राइसिस मैनेजर, कर्नाटक किंगमेकर' में इस खास रिश्ते के बारे में विस्तार से बताया गया है।
डीके शिवकुमार की पहचान बन चुकी थी उनकी बाइक
किताब के अनुसार, 1980 के दशक में कॉलेज के दिनों में डीके शिवकुमार अपने साथियों के बीच बेहद लोकप्रिय छात्र नेता थे। वे लोगों को जोड़ने, नेतृत्व करने और कॉलेज चुनावों में सक्रिय भागीदारी के लिए पहचाने जाते थे। उन दिनों उनकी नंबर प्लेट CEA 7684 वाली यज्दी रोडकिंग बाइक उनकी पहचान बन गई थी। वे इसी बाइक से हॉस्टल, कॉलेज परिसर और चुनाव प्रचार के कार्यक्रमों में पहुंचते थे। यह मोटरसाइकिल उनके युवा व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक मानी जाती थी।सीएम के करीबी दोस्त ने लिया यह फैसला
कॉलेज की पढ़ाई पूरी होने से पहले ही शिवकुमार को कांग्रेस का टिकट मिल गया। उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ा और 1989 में विधायक बने। बाद में मंत्री पद तक पहुंचे और अब राज्य के सीएम बन गए हैं। उनकी राजनीतिक जिम्मेदारियां बढ़ती गईं और समय के साथ उनकी प्रिय बाइक घर के एक कोने में खड़ी रह गई। वर्षों तक वह धूल, जंग और उपेक्षा का शिकार बनी रही। किताब में बताया गया है कि एक दिन उनके करीबी मित्र श्याम की नजर इस पुरानी मोटरसाइकिल पर पड़ी। उन्होंने इसे फिर से पहले जैसी हालत में लाने का फैसला किया।
बाइक को रिस्टोर करने का काम शुरू हुआ
शिवकुमार के सहयोगी राजशेखर की सहमति से बाइक को रिस्टोर करने का काम शुरू हुआ। यह जिम्मेदारी विंटेज मोटरसाइकिलों के शौकीन सुप्रिथ नाइक को सौंपी गई। बाइक को दोबारा तैयार करना आसान नहीं था। इसके लिए चेन्नई, मैसूर, मुंबई और यहां तक कि वियतनाम से भी स्पेयर पार्ट्स मंगवाने पड़े। ब्यातरायनपुरा और कट्रीगुप्पे के अनुभवी मैकेनिकों ने लगभग छह महीने तक लगातार मेहनत की। आखिरकार मोटरसाइकिल फिर से पहले जैसी शानदार हालत में लौट आई। इसका इंजन एक बार फिर अपनी पहचान वाली 'डुगु-डुगु-डुगु' आवाज के साथ गूंजने लगा।बाइक को देख भावुक हुए शिवकुमार
3 जून 2024 को एक निजी कार्यक्रम के दौरान श्याम और सुप्रिथ ने डीके शिवकुमार को बाहर बुलाया। पार्किंग में उनकी पुरानी लेकिन नई जैसी चमकती रोडकिंग खड़ी थी। किताब के मुताबिक, बाइक को देखते ही शिवकुमार भावुक हो गए। उन्होंने मोटरसाइकिल को प्यार से छुआ, किक मारकर स्टार्ट किया और इंजन की आवाज सुनते ही उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई। उन्होंने बाइक के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उसे अपने घर भेजने को कहा।दोस्त ने भेंट की दो तस्वीरें
इसके बाद 1 सितंबर 2024 को सदाशिवनगर स्थित उनके घर पर यह मोटरसाइकिल औपचारिक रूप से उन्हें भेंट की गई। इस मौके पर उनके मित्र श्याम ने दो तस्वीरें भी भेंट कीं। पहली तस्वीर उनके छात्र जीवन की थी। इसमें वे इसी बाइक पर बैठे दिखाई दे रहे थे, जबकि दूसरी तस्वीर नई तरह से तैयार की गई रोडकिंग के साथ थी। इस पल ने शिवकुमार को एक बार फिर अपने युवा दिनों की याद दिला दी।