कब बढ़ेगी पेट्रोल डीजल की कीमत?
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) हर महीने लगभग 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठा रही हैं। दुनिया भर में तेल की आपूर्ति का 20% हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है, जहां युद्ध के कारण भारी बाधा आ रही है। इससे तेल की कीमतों में इजाफा हुआ है। बिजनेस टुडे ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि 15 मई से पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की पूरी संभावना है।दुनिया भर का हाल बनाम भारत
जहां भारत ने अब तक कीमतों को रोक कर रखा है, वहीं अन्य देशों ने भारी बढ़ोतरी की है:- अमेरिका में पेट्रोल की कीमत में करीब 50% की वृद्धि हुई है।
- चीन, ब्रिटेन और जर्मनी ने पेट्रोल की कीमतों में 20% से 27% की वृद्धि की है।
- जापान, स्पेन और दक्षिण कोरिया ने 30% से भी ज्यादा की बढ़ोतरी की है।
- कई देशों ने ईंधन की राशनिंग, वर्क फ्रॉम होम और 4-डे वीक जैसे कदम उठाए हैं, जिनसे भारत अब तक बचा रहा है।
सरकार के पास दो रास्ते
सरकार के पास अब दो ही रास्ते बचे हैं और दोनों ही कठिन हैं:1. कीमतें बढ़ाना: अगर सरकार कीमतें बढ़ाती है, तो इसका असर हर चीज पर पड़ेगा, जिससे महंगाई बढ़ेगी और जनता में असंतोष हो सकता है।
2. बोझ सहते रहना: अगर सरकार घाटा सहती रहती है, तो तेल कंपनियों की वित्तीय स्थिति चरमरा जाएगी और देश का आर्थिक ढांचा कमजोर होगा।