मामला भिलाई-3 थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है, फ्लाई ऐश के नीचे लोहा छिपाकर प्लांट से बाहर निकाला जा रहा था, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी।
प्लांट की सुरक्षा में CISF के जवान तैनात रहते हैं। इसके अलावा पूरे परिसर में सैकड़ों CCTV कैमरे लगे हुए हैं। पुलिस को शक है कि, अंदरूनी मिलीभगत के यह संभव नहीं है।
जानिए पूरा मामला
दरअसल, पुलिस को पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि भिलाई स्टील प्लांट से लोहे की प्लेटें और स्क्रैप चोरी कर बाहर सप्लाई किया जा रहा है।
ऐसे में रोजाना कई ट्रक और हाईवा प्लांट से बाहर निकलते थे। 27 मई को पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहनों पर नजर रखी और उनका पीछा करते हुए हथखोज स्थित एक गोदाम तक पहुंची। जैसे ही ट्रक गोदाम के अंदर पहुंचे, पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी कर दी।
छावनी CSP प्रशांत कुमार पैकरा और भिलाई-3 थाना पुलिस की टीम ने मौके पर मौजूद लोगों से दस्तावेज मांगे, लेकिन जब्त लोहे से संबंधित कोई लीगल डॉक्यूमेंट दिखा नहीं सके। इसके बाद पुलिस ने पूरे यार्ड और गोदाम की जांच की।
गोदाम में मिला 250 टन से ज्यादा लोहा
जांच में गोदाम से करीब 250 टन संदिग्ध लोहा बरामद किया गया। पुलिस को आशंका है कि यह लोहा BSP की SMS-3 यूनिट से चोरी कर यहां जमा किया गया था। ट्रकों के ऊपर फ्लाई ऐश डाली जाती थी, जबकि नीचे भारी मात्रा में लोहा छिपाकर रखा जाता था।
पुलिस ने जब दो हाईवा वाहनों की जांच की तो ऊपर फ्लाई ऐश दिखाई दी, लेकिन अंदर टनों के हिसाब से लोहा भरा मिला।
गोदाम संचालक और ट्रांसपोर्टर से होगी पूछताछ
पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक आरोपियों तक पहुंचा जा सकेगा।
वहीं, जिस कबाड़ी गोदाम में BSP का संदिग्ध लोहा मिला है, उसका संचालन मोहम्मद कलीम करता है। पुलिस ट्रांसपोर्टर संजय सिंह और मोहम्मद कलीम से पूछताछ की तैयारी कर रही है।
BSP ने बनाई जांच समिति
घटना के बाद भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन ने अलग से एक जांच समिति गठित की है, जो पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच करेगी।
पुलिस ने मौके से मिले सैकड़ों टन लोहे को बीएनएसएस की धारा 106 के तहत जब्त कर लिया है। साथ ही पूरे गोदाम को सील कर दिया गया है। मामले की जांच जारी है। पुलिस ड्राइवरों से पूछताछ कर रही है और BSP प्रबंधन को भी पत्र भेजा गया है।
भिलाई नगर सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने बताया कि, पुलिस को सूचना मिली थी कि अकलोरडीह स्थित एके ट्रेडर्स नामक यार्ड में भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से चोरी किया गया लोहा लाकर डंप किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर रेड कार्रवाई की।
मौके पर खड़े दो हाईवा वाहनों की जांच में भारी मात्रा में लोहा मिला। ड्राइवरों के पास केवल फ्लाई ऐश परिवहन से संबंधित दस्तावेज मिले। पूछताछ में यह बात सामने आई कि यार्ड में रखा लोहा BSP प्लांट से चोरी कर लाया गया था।
भिलाई स्टील प्लांट देश की सबसे बड़ी SAIL इकाइयों में से एक है। प्लांट की सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जिम्मे है। जानकारी के अनुसार करीब 700 जवान पूरे परिसर में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात हैं।
बताया जा रहा है कि चोरी किया गया लोहा काफी भारी था, जिसे क्रेन और अन्य मशीनों की मदद से ट्रकों में लोड किया जाता था। ऐसे में बिना अंदरूनी मिलीभगत के इतने बड़े स्तर पर चोरी संभव नहीं मानी जा रही है। फिलहाल पुलिस और BSP प्रबंधन पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं।