हर्निया की जगह कर दी आंत की सर्जरी! लखनऊ KGMU के डॉक्‍टर पर गंभीर आरोप, 15 दिन में रिपोर्ट तलब

Updated on 20-06-2026
लखनऊ: केजीएमयू के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के हेड डॉ. अभिजीत चंद्रा के खिलाफ इलाज में कथित लापरवाही की शिकायत पर शासन ने जांच के आदेश दिए हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मंडलायुक्त लखनऊ को मामले की जांच कर 15 दिन में रिपोर्ट उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।

शिकायतकर्ता राजकुमार सिंह ने सीएम और चिकित्सा शिक्षा विभाग को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि वर्ष 2022 में उन्हें हर्निया की समस्या थी। केजीएमयू में भर्ती कर उनका ऑपरेशन किया गया। उन्हें बताया गया कि हर्निया की सर्जरी की जाएगी, लेकिन ऑपरेशन आंत का कर दिया गया। आरोप है कि इस प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई और कई तरह की शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।


दोबारा सर्जरी और लंबे इलाज का दावा

शिकायतकर्ता के मुताबिक, सर्जरी के बाद स्थिति गंभीर होने पर 1 अक्टूबर, 2022 को दोबारा ऑपरेशन करना पड़ा। शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्हें लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा और कई महीने तक स्टोमा बैग के सहारे जीवन बिताना पड़ा। इसके कारण उन्हें शारीरिक के साथ मानसिक और आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा।


शासन ने लिया संज्ञान

मामले को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने 9 जून, 2026 को जारी पत्र में मंडलायुक्त लखनऊ को जांच के निर्देश दिए हैं। सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच करवा कर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध करवाने का निर्देश है।

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