शुरुआत में स्थानीय फल विक्रेताओं की अनिच्छा को देखते हुए प्रसाद ने सीधे ग्राहकों तक पहुंचने के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम, विजिटिंग कार्ड्स और जिम/डॉक्टरों के नेटवर्क का इस्तेमाल किया। थोक भाव जहां 80-100 रुपये प्रति किलो था। वहीं, सीधे बिक्री से उन्हें 200 रुपये प्रति किलो तक का भाव मिला। वर्तमान में वह थोक और खुदरा दोनों माध्यमों से बिक्री करते हैं। ड्रैगन फ्रूट और अन्य फसलों की बिक्री से उनका सालाना टर्नओवर लगभग 15 लाख रुपये तक पहुंच गया है। जबकि रखरखाव का सालाना खर्च 2.5-3 लाख रुपये के करीब आता है।