मेरे लिए यह तय करना बहुत मुश्किल था कि मैं बीजेपी का सदस्य रहूं या तमिल लोगों से जुड़ा रहूं। मैंने 4 दिसंबर 2025 को पार्टी को बताया कि मैं इस्तीफा देने जा रहा हूं। पार्टी ने मुझसे कहा कि पहले चुनाव हो जाने दें, फिर जाएं।
अन्नामलाई ने 2 जून को भाजपा से इस्तीफा दिया था। लेटर शुक्रवार को सामने आया। उन्होंने इस्तीफे की वजह बताते हुए लिखा कि पिछले 18 महीनों से आलाकमान के साथ उनके मतभेद चल रहे हैं। अब उनके विचार एक जैसे नहीं रहे।
अन्नामलाई कर्नाटक कैडर के IPS अधिकारी रहे हैं। नौकरी छोड़कर 2020 में भाजपा से जुड़े। पार्टी ने पहले उन्हें प्रदेश उपाध्यक्ष और फिर अध्यक्ष बनाया। अन्नामलाई के रहते हुए बीजेपी ने 2021 और 2026 विधानसभा चुनाव लड़ा। दोनों ही चुनावों में भाजपा का वोट शेयर 2% से ज्यादा नहीं बढ़ सका।
1. मोदी से प्रभावित होकर भाजपा में आया था
पीएम मोदी जी के नेतृत्व से प्रेरित होकर मैं 6 साल पहले भाजपा में शामिल हुआ था। मेरा मकसद तमिलनाडु में बदलाव लाना और राज्य में राजनीति के तौर-तरीकों को बेहतर बनाना था।
2. बदलाव की लहरें उठीं, लेकिन टिकी नहीं
मैं बीजेपी नेतृत्व का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने मुझ जैसे युवा और अनुभवहीन व्यक्ति पर भरोसा करके बड़ी जिम्मेदारियां और नेतृत्व के पद सौंपे। राज्य की जनता कई दशकों से चली आ रही आम राजनीतिक चर्चाओं से ऊब चुकी थी और बदलाव चाहती थी। पिछले दशक में कई बार बदलाव की लहरें उठीं, लेकिन वे टिक नहीं पाईं।
3. भाजपा की टॉप लीडरशिप के साथ मतभेद
पिछले 18 महीनों में टॉप लीडरशिप के साथ कुछ मतभेद रहे हैं। तमिलनाडु की राजनीति को आगे बढ़ाने के तरीके को लेकर उनके और पार्टी नेतृत्व के विचार अब मेल नहीं खाते।