'भारत और चीन चाह लें तो रूस नहीं लड़ पाएगा युद्ध', UNGA में यूक्रेनी राष्ट्रपति का बड़ा बयान, बताई मॉस्को की कमजोरी
Updated on
23-09-2026
न्यूयॉर्क: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका, भारत और चीन, रूस पर दबाव डालें तो वह यूक्रेन में युद्ध जारी नहीं रख पाएगा। जेलेंस्की ने कहा कि रूस अपनी अर्थव्यवस्था के लिए भारत और कभी-कभी तुर्की और चीन पर निर्भर है। अगर ये देश रूस के साथ ऊर्जा व्यापार बंद कर दें तो उसे युद्ध रोकना होगा। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि चीन, भारत और तुर्की को रूस की ऊर्जा बिक्री मॉस्को की अर्थव्यवस्था को सहारा दे रही है। जेलेंस्की ने कहा कि रूस को रोकने के लिए इतना ही काफी होगा। उनके पास युद्ध जारी रखने के लिए पैसे ही नहीं बचेंगे।वॉल स्ट्रीट जर्नल से जेलेंस्की ने कहा कि अगर ट्रंप पुतिन पर ज्यादा दबाव डालें और चीन-भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर दें तो युद्ध खत्म हो जाएगा। इसी इंटरव्यू में जेलेंस्की ने कहा कि ट्रंप ने मंगलवार को मुलाकात के दौरान उनसे रूसी तेल रिफाइनरियं पर बमबारी रोकने के लिए नहीं कहा। हालांकि, उन्होंने माना का ऊर्जा की बढ़ती कीमतों को लेकर अमेरिकी सहयोगियों ने पहले यह मुद्दा उठाया है।UNGA में हिस्सा लेने पहुंचे हैं जेलेस्की
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की फर्स्ट लेडी ओलेना जेलेंस्का और अपनी राजनयिक टीम के साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के हाई-लेवल सेशन में भाग लेने के लिए न्यूयार्क पहुंचे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा में जेलेंस्की का फोकस रूस के जारी युद्ध को खत्म करने को लेकर होगा।न्यूयॉर्क में जेलेंस्की करेंगे 20 बैठकें
न्यूयार्क की इस यात्रा के दौरान जेलेंस्की की करीब 20 बैठकें पहले से तय हैं। जेलेंस्की ने कहा कि यहां बैठक के दौरान यूक्रेन की पहली प्राथमिकता शांति की दिशा में आगे बढ़ना और अपने लोगों की जान की रक्षा करना है। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में यात्रा की जानकारी साझा की।जेलेंस्की ने पोस्ट में लिखा, ''फर्स्ट लेडी ओलेना जेलेंस्का और अपनी राजनयिक टीम के साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचा हूं। यहां करीब 20 बैठकें तय हैं। इनमें खास तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति, यूरोपीय नेताओं, अमेरिकी सीनेटरों और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के सदस्यों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों, अमेरिका की बड़ी कंपनियों और थिंक टैंकों के साथ बैठकें शामिल हैं।''
अन्य महत्वपुर्ण खबरें