VJP की ओर से जारी पोस्टर में शुजालपुर विधानसभा क्षेत्र का भी जिक्र है। इसमें लिखा है- ‘आने वाले समय में शुजालपुर से चुनाव मैदान में उतर सकता है।’ इंदर सिंह परमार शुजालपुर से विधायक हैं।
पोस्टर में लिखा- मंत्री के चैलेंज को स्वीकार किया VJP के पोस्टर में भाजपा का कमल भी लगाया गया है। इसमें लिखा है- ‘अतिथि विद्वानों के हित के लिए माननीय उच्च शिक्षा मंत्री के चैलेंज को स्वीकार करते हुए विद्वान जनता पार्टी (VJP) चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार है।’
पोस्टर में अतिथि विद्वानों का सम्मान, नियमितीकरण की गारंटी, सुरक्षित भविष्य और शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव को पार्टी के प्रमुख मुद्दे बताया गया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि VJP का औपचारिक पंजीयन हुआ है या नहीं और आगामी चुनाव में पार्टी किस स्तर पर चुनाव लड़ेगी।
मंत्री से बातचीत के बाद लिया राजनीतिक फैसला
अतिथि विद्वान पिछले दिनों नियमितीकरण और नौकरी में स्थायित्व की मांग को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के भोपाल स्थित बंगले के बाहर धरने पर बैठे थे। बुधवार को मंत्री ने चार प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। अतिथि विद्वानों ने मांग रखी थी कि जब तक उनके नियमितीकरण और स्थायित्व के लिए नीति नहीं बनती, तब तक फॉलन आउट प्रक्रिया रोक दी जाए।
मंत्री के बयान को चुनावी चुनौती के तौर पर लिया
अतिथि विद्वान डॉ. राकेश कुमार सिंह के मुताबिक, मंत्री ने फॉलन आउट प्रक्रिया रोकने से इनकार किया। इसके बाद बातचीत के दौरान मंत्री की कथित टिप्पणी को अतिथि विद्वानों ने चुनावी चुनौती के तौर पर लिया।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्हें राजनीति में आने और चुनाव लड़ने की बात कही गई। इसके बाद अतिथि विद्वानों ने आंदोलन को राजनीतिक मंच देने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए VJP बनाने का ऐलान कर दिया।
फॉलन आउट रोकने की मांग पर आंदोलन
अतिथि विद्वानों के विरोध का सबसे बड़ा मुद्दा फॉलन आउट है। नियमित प्राध्यापक की नियुक्ति या स्थानांतरण होने पर संबंधित कॉलेज में पहले से पढ़ा रहे अतिथि विद्वान की सेवा समाप्त हो जाती है। अतिथि विद्वान इसी व्यवस्था को रोकने की मांग कर रहे हैं।
उनकी दो प्रमुख मांगें हैं- नियमितीकरण और स्थायित्व के लिए समयबद्ध नीति बनाई जाए और जब तक यह नीति लागू नहीं होती, तब तक फॉलन आउट प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। हालिया प्रदर्शन के दौरान करीब 200 अतिथि विद्वानों के शिवराज सिंह चौहान का काफिला रोककर भी यही मांग रखे जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।
2023 में शिवराज ने दिया था आश्वासन
अतिथि विद्वान अपने आंदोलन के दौरान 11 सितंबर 2023 के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आश्वासन का हवाला दे रहे हैं। उनका कहना है कि उस समय फॉलन आउट रोकने और भविष्य सुरक्षित करने की बात कही गई थी। वे 10 जुलाई 2026 को भोपाल के रविंद्र भवन में हुए सम्मेलन का भी हवाला दे रहे हैं।
सीएम ने भी नई नीति का दिया आश्वासन
उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार की मौजूदगी में नियमितीकरण और स्थायित्व के लिए नीति बनाने का आश्वासन दिया गया था। 28 अगस्त को उज्जैन में मुख्यमंत्री आवास पर अतिथि विद्वान महिलाओं द्वारा रक्षा सूत्र बांधकर भी नीति बनने तक फॉलन आउट रोकने की मांग किए जाने का दावा किया गया था।
दिल्ली में भी बनी थी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 2026 में एक राजनीतिक-सटायरिक आंदोलन के तौर पर चर्चा में आई। इसके संस्थापक अभिजीत दीपके हैं। पार्टी ने शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन भी किया था।
CJP का नाम एक अदालती टिप्पणी के बाद चर्चा में आया। इसके बाद आंदोलन से जुड़े लोगों ने ‘कॉकरोच’ शब्द को ही पार्टी के नाम के तौर पर अपनाया और इसे अपनी व्यंग्यात्मक राजनीतिक पहचान बनाया।