मौलाना डीजल से डरे असीम मुनीर, पाकिस्तानी आर्मी ने भारत के दुश्मन आतंकी से मिलाया हाथ, बनाया नापाक प्‍लान

Updated on 23-07-2026
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में मौलाना फजलुर रहमान के विरोध से घबराई पाकिस्तानी सेना भारत के दुश्मन आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से खुलेआम हाथ मिला रही है। हाल ही में राजधानी इस्लामाबाद में पाकिस्तान के सरकार समर्थित उलेमा काउंसिल के चेयरमैन मौलवी हाफिज ताहिर महमूद अशरफी ने हाफिज तलहा सईद के साथ हाई प्रोफाइल बैठक की है। तलहा आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और संयुक्त राष्ट्र से घोषित आतंकवादी हाफिज सईद का बेटा है।

पाकिस्तानी सेना ने बनाया प्लान

जानकारों का कहना है कि इस बैठक के पीछे पाकिस्तानी सेना है, जिसका मकसद जमीयत-उलेमा इस्लाम (एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान को कमजोर करने के लिए रणनीति तैयार करना था। मौलाना डीजल के नाम से मशहूर फजलुर रहमान ने हाल के दिनों में सैन्य नेतृत्व की नीतियों की खुलकर आलोचना की है और आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर पर सीधा हमला बोला है। हाल ही में उन्होंने सैन्य नेतृत्व को वर्दी छोड़कर सीधे चुनाव लड़ने की चुनौती दे डाली थी।

फजलुर रहमान को कमजोर करने की साजिश

न्यूज 18 ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ताहिर महमूद और LeT के बीच हुई इस बैठक के पीछे पाकिस्तानी सेना की ऐसी रणनीतिक है, जिसके तहत सीधे टकराव को भड़काए बिना फजलुर रहमान के राजनीतिक प्रभाव को कम किया जा सके। पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व धार्मिक राजनीतिक हस्तियों को कमजोर करने के लिए जेहादी नेटवर्क का इस्तेमाल एक सुरक्षा कवच के तौर पर कर रहा है।

पाकिस्तानी सेना के आतंकी गठजोड़ का खुलासा

सरकार समर्थित उलेमा काउंसिल के चीफ और लश्कर-ए-तैयबा नेतृत्व के बीच खुली बातचीत यह साफ दिखा रही है कि असीम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तान का सैन्य नेतृत्व आतंकवादियों को मुख्यधारा में शामिल कर रहा है। अब आतंकवादियों का इस्तेमाल सिर्फ दूसरे देश में प्रॉक्सी के तौर पर ही नहीं, बल्कि अंदरूनी राजनीति में विरोधियों को कमजोर करने के लिए भी इस्तेमाल किए जाने से परहेज नहीं है।फजलुर रहमान जैसे इस्लामिक राजनीतिक नेताओं को कमजोर करने के लिए जेहादियों का इस्तेमाल इस बात का साफ सबूत है कि पाकिस्तानी सेना की पकड़ अंदर ही अंदर कमजोर हो रही है। यह साफ दिखाता है कि किस तरह पाकिस्तान आर्मी का डीप स्टेट चरमपंथी नेटवर्क का इस्तेमाल अपने खिलाफ उठ रहे विरोध को दबाने के लिए करने को बेताब है।

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