MP में दौड़ेंगी 15 हजार नई आधुनिक बसें, 30 लाख यात्रियों को मिलेगी राहत, महिला-बाल सुरक्षा को प्राथमिकता

Updated on 10-09-2026
भोपाल। मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना ‘मोबिलिटी विजन: 2030’ का लक्ष्य प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक परिवहन नेटवर्क का विस्तार करना है। इसके अंतर्गत प्रदेश में 15 हजार से अधिक आधुनिक सार्वजनिक बसें संचालित की जाएंगी। इससे प्रतिदिन 30 लाख से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही 180 से अधिक आधुनिक बस स्टैंड, टर्मिनल्स और डिपो का कायाकल्प किया जाएगा। 11-12 सितंबर को इंदौर में होने वाली समिट में परिवहन व्यवस्था को लेकर मंथन होगा।

जानकारी के अनुसार, शहर के एमपी नगर, रचना नगर, गौतम नगर समेत अन्य इलाकों में 200 से ज्यादा पीजी और हॉस्टल संचालित होने की जानकारी है। इनमें सिर्फ करीब 63 ही प्रशासन के पास रजिस्टर्ड बताए जा रहे हैं। करीब 140 पीजी के संचालन, पंजीयन या अन्य जरूरी अनुमति की स्थिति स्पष्ट नहीं है। इन पीजी में बड़ी संख्या में दूसरे शहरों और जिलों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने आए विद्यार्थी रहते हैं। कई जगह क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को ठहराने की शिकायतें भी हैं।

कार्बन डाईआक्साइड के उत्सर्जन में आएगी कमी

प्रदेश में 100 बसों की क्षमता वाले आधुनिक चार्जिंग डिपो और सोलर इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किए जा रहे हैं। इससे सालाना 70 हजार टन से अधिक कार्बन डाईआक्साइड के उत्सर्जन में कमी आएगी। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा अंतर्गत संचालित होने वाली सभी बसों की निगरानी इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से की जाएगी।

इसके लिए मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड एवं उसकी सात सहायक कंपनियों में अत्याधुनिक कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। जहां से बसों के संचालन, लोकेशन, टाइमिंग एवं अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी की जाएगी।

महिला और बाल सुरक्षा को प्राथमिकता

सार्वजनिक बसों में महिला और बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इससे यात्री परिवहन व्यवस्था अधिक सुरक्षित, सुगम, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में भी मदद मिलेगी। सभी बसों को सात सीसीटीवी कैमरों, पैनिक बटन और रियल-टाइम व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम से लैस किया जा रहा है।

इसके अलावा, पैसेंजर इंफार्मेशन सिस्टम, ड्राइवरों की तकनीकी ट्रेनिंग और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र के जरिए सुरक्षित एवं समयबद्ध यात्रा सुनिश्चित की जाएगी। यह समिट निजी क्षेत्र के निवेश को आकर्षित कर मध्य प्रदेश को देश के सबसे उन्नत, पर्यावरण-अनुकूल और तकनीक सक्षम सार्वजनिक परिवहन राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें