एमपी में रोज 142 एक्सीडेंट, 40 मौतें हो रहीं:खूनी रफ्तार के मामले में देश में तीसरे नंबर पर MP

Updated on 24-07-2026
भोपाल, सड़क पर रफ्तार का खूनी खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। मध्य प्रदेश की सड़कों पर हर रोज औसतन 142 एक्सीडेंट हो रहे हैं और रोजाना करीब 40 लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। लोकसभा में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा पेश किए गए ताजा आंकड़ों ने एमपी सहित पूरे देश में सड़क सुरक्षा की पोल खोलकर रख दी है।

देश भर में जहां तमिलनाडु एक्सीडेंट्स के मामले में टॉप पर है, वहीं, जान गंवाने वालों की संख्या उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा है।

मध्य प्रदेश में 5 सालों का ट्रेंड: हादसे थोड़े घटे, लेकिन मौतें लगातार बढ़ीं

2021 से 2024 तक हादसों और मौतों दोनों का ग्राफ लगातार बढ़ा। वर्ष 2025 में हादसों की संख्या (52,125) में 2024 (56,669) की तुलना में कमी दर्ज की गई, लेकिन मौतों का आंकड़ा बढ़कर 14,842 तक पहुंच गया। यानी MP में हादसे भले कम हुए हों, लेकिन दुर्घटनाएं ज्यादा जानलेवा साबित हुई हैं।

तमिलनाडु में सबसे ज्यादा हादसे और मौतें हो रहीं हैं। एमपी के पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में रोजाना हादसे भले ही 136 हो रहे हों, लेकिन वहां हर दिन मौतों का आंकड़ा 75 है, जो देश में सबसे ज्यादा भयावह है। वहीं MP में रोजाना 142 हादसों में 40 लोग जान गंवा रहे हैं।

हादसों को रोकने के लिए सरकार का 4E एक्शन प्लान

सड़क दुर्घटनाओं और मौतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 4E रणनीति पर काम किया जा रहा है।

एजुकेशन एंड अवेयरनेस देश भर में ड्राइविंग ट्रेनिंग एवं अनुसंधान संस्थान (IDTR) और क्षेत्रीय ड्राइविंग ट्रेनिंग केंद्र (RDTC) स्थापित किए जा रहे हैं। हर साल राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह और 'सड़क सुरक्षा समर्थन योजना' के जरिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

इंजीनियरिंग (रोड एंड व्हीकल इंजीनियरिंग):नेशनल हाईवे पर एक्सीडेंट वाले स्थानों (ब्लैक स्पॉट्स) को ठीक किया जा रहा है। सभी नए व पुराने हाईवे का 'थर्ड पार्टी रोड सेफ्टी ऑडिट' अनिवार्य कर दिया गया है।

कारों में फ्रंट एयरबैग, ABS (एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम), ओवरस्पीड वॉर्निंग सिस्टम, रिवर्स पार्किंग सेंसर और सीटबेल्ट रिमाइंडर अनिवार्य किए गए हैं। इसके अलावा गाड़ियों की सुरक्षा जांच के लिए Bharat NCAP क्रैश टेस्ट रेटिंग लागू की गई है।

इन्फोर्समेंट एंड टेक्नोलॉजी मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 के तहत यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़े जुर्माने का नियम लागू है। शहरों और नेशनल हाईवे पर CCTV, स्पीड रडार और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों से निगरानी व ई-चालान की पारदर्शी व्यवस्था बनाई गई है।

इमरजेंसी केयर :

  • PM-राहत योजना (2025): सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाने और कैशलेस इलाज मुहैया कराने की सुविधा।
  • राह-वीर (Good Samaritan) योजना: दुर्घटना पीड़ित को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि 5,000 से बढ़ाकर ₹25,000 की गई है।
  • हिट एंड रन मुआवजा: हिट एंड रन के मामलों में गंभीर चोट पर मुआवजा ₹12,500 से बढ़ाकर ₹50,000 और मृत्यु की स्थिति में ₹25,000 से बढ़ाकर ₹2,00,000 कर दिया गया है।


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